evm full form in hindi | evm का फुल फॉर्म क्या है

हेलो दोस्तों क्या आप ( evm full form in hindi ) EVM  का फुल फॉर्म खोज रहे हैं अगर हाँ तो आप बिल्कुल सही पोस्ट पर आए हैं क्योंकि आज इस पोस्ट में आपको हम  EVM का फुल फॉर्म विस्तार में बताएंगे साथ ही EVM के बारे में सारी जानकारी आपके साथ शेयर करने वाले है इतना ही नहीं इस पोस्ट में हम आपको EVM के अन्य फुल फॉर्म के बारे में भी विस्तार से बताएंगे तो इस पोस्ट को आप पूरा जरूर पढ़े

Evm full form in hindi

EVM Full Form in Hindi , ईवीएम का फुल फॉर्म

ईवीएम का फुल फॉर्म इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन  है।

E:- Electronic
V:- Voting
M:- Machine

EVM का मतलब क्या होता है evm meaning in hindi

EVM का मतलब एक (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन है) यह एक ऐसी मशीन है जो दो यूनिटों सी मिलकर बनी है बैलेटिंग यूनिट वा कंट्रोल यूनिट इन दो यूनिटों से मिलकर यह EVM मशीन बनाई गई है और जब कोई मतदाता मतदान केंद्र वोट डालने जाता है तब चुनाव अधिकार बैलेट यूनिट के द्वारा ईवीएम मशीन को ऑन करते है जिस की सयेता से आप अपना वोट डाल पाते है वा साथ ही इस यूनिट में प्रत्याशीयो के नाम वा चुनाव चिन्ह लिखे वा बने होते है जिन्हे मतदाता अपनी इच्छा अनुसार चुन सकते है वा उन्हें चुनने के मतदाता को एक बटन दबाना होता है

EVM मशीन में बिजली का उपयोग नहीं होता है

दोस्तो आपकी जानकारी के लिए हम बता दे की ईवीएम मशीन को चलाने के लिए बिजली का इस्तेमाल नहीं किया जाता है बल्कि बिजली की जगह बैटरी का इस्तेमाल किया जाता है EVM मशीन को चलाने के लिए वा बिजली ना होने पर भी वोटिंग की प्रोसेसिंग चालू होती है वा साथ ही ईवीएम मशीन में मतदाता को बिजली का झटका लगने का भी डर नही होता है

पहली M2 EVM मशीन (2006—10) में जिसमे नोटा के साथ ज्यादा से ज्यादा 64 प्रत्याशी के चुनाव किया जा सकता था चार वोटिंग मशीन को एक साथ जोड़ा जा सकता हैं इस तरह दोनो यूनिट मिलाकर इस की लागत कम से कम 8670रु होती है

इस के बाद ही M 3 ईवीएम मशीन अति है जिसमे ईवीएम के माध्यम से 24 बेल्टिंग यूनिटी को जोड़ा जा सकता है वा नोटा सहित अधिक से अधिक 384 कैंडिड्ट का चुनाव करवाया जा सकता है वा इसी तरह इस की दोनो यूनिटों को मिलने का लागत 17000 रु का आता है 

EVM से ही चुनाव क्यों होते हैं?

दोस्तो हम आपको बता दे की EVM से ही चुनो क्यों होते है क्युकी  बेलेट पेपर के मुकाबले ईवीएम मशीन से चुनो करवाने में काम खर्चा आता है इलेक्शन कमीशन के अनुसार, हर निर्वाचन के लिए लाखों की संख्‍या में मतपत्रों की प्रिंटिंग करना, उनके ट्रांसपोर्ट और स्टोरेज, आदि के अलावा, वोट काउंटिंग स्‍टाफ में होने वाले इन सभी खर्च की भरपाई ईवीएम से हो जाती है। इसीलिए ईवीएम से  चुनाओ करवाया जाता है

इस के साथ ही हम आपको बता दे की evm से चुनो करवाने में समय की बचत भी होती है साथ ही काउंटिंग करने में भी आसानी होती है बैलेट पेपर के मुकाबले  EVM मशीन में काउंटिंग की भी दिकत नही होती है वा साथ ही समय की बचत होती है इस लिए भी  चुनाव में EVM मशीन का इस्तेमाल किया जाता है

EVM की हैकिंग क्यू है मुश्किल

दोस्तो हम आपको बताएंगे की क्यू EVM (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) की हैकिंग क्यू मुश्किल है क्युकी यह इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन सोतंत्र रूप से कार्य करती है वा अन्य देशों में वोटिंग मशीन इंटरनेट पर आश्रित होते है जिस वजह से इनका हैक होने का खतरा हमेशा बना रहता है वा इसे बनाते समय EVM मशीन में प्रमुख रूप से माइक्रोचिप को लगाया जाता है जिस से की ईवीएम की प्रोग्रामिंग में बदल नही किया जा सके इस कारण नतीजों को प्रभावित करना असम्भव हो जाता है वा ईवीएम को खोलने पर भारतीय EVM मशीन अपने अप बंद हो जाती है दोबारा स्टार्ट होने पर हार्डवेयर-सॉफ्टवेयर से हुई छेड़खानी की जानकारी देने में भी सक्षम है।

EVM History (ईवीएम का इतिहास क्या है)

दोस्तो आपकी जानकारी के लिए हम बता दे की  EVM का अविष्कार सन 1980 में एम बी हनीफा ने किया था वा उन्होंने इस मशीन का पंजीकरण 15 अक्तूबर सन1980 में किया था

वा सन 1989 में भारत के चुनाव आयोग के द्वारा, उस समय इसको collaborate किया गया । भारत इलेक्ट्रॉनिकस लिमिटेड और इलेक्ट्रॉनिकस कारपोरेशन ऑफ इंडिया EVM के इंडिस्ट्रीयल डिज़ाइनर भी  थे।

जनता ने कंहा देखा पहली बार EVM?

आपकी जानकारी के लिए हम आपको बता दें की जनता ने सबसे पहले तमिलनाडु के 6 शहरो में आयोजित होने वाली सरकारी प्रदर्शनी में जनता ने EVM को पहली बार देखा था वा  साथ ही फिर  चुनाओं आयोग ने इसे इस्तमाल करने का विचार किया
जिसके बाद फिर इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के द्वारा इसे बानने की प्रक्रिया शुरू की गई 

सबसे पहले EVM का इस्तेमाल कंहा किया गया था?

भारत देश में ईवीएम का इस्तेमाल सबसे पहले सन1982 में केरल के विधानसभा  चुनाआे ने किया गया था उस समय 50 पोलिंग Stations में एक प्रयोग के रूप में इसका इस्तेमाल किया गया था

इसके बाद सन 1988 में संसद के द्वारा पहली बार Representation of the People Act 1951 में संशोधन किया गया और तभी से सरकार द्वारा EVM के इस्तेमाल को मंज़ूरी दे दी गई।

वा साथ ही जिसके परिणाम स्वरूम नवंबर 1998 में प्रयोग के दौरान 16 विधानसभा सीटों पर EVM मशीन का उपयोग किया गया ।वा  उस समय मध्यप्रदेश और राजस्थान की 5-5 सीटों पर और साथ ही  दिल्ली में 6 सीटों पर EVM मशीन का उपयोग किया गया

वा साथ ही इसके बाद सन 2001 में तमिलनाडु,वा  केरल के साथ साथ पश्चिम बंगाल के विधानसभा में भी  चुनावों में सभी सीटों पर EVM मशीन का उपयोग किया गया   था वा  फिर ही  इसके बाद 2004 में लोकसभा चुनाव में पहली बार पूरे भारत देश में ईवीएम  मशीन के माध्यम से  चुनाव करवाए गए थे

EVM से जुड़े कुछ तथ्य

सन 1982 में केरल के विधानसभा में  निर्वाचन क्षेत्र के 50 मतदान केन्द्रो में EVM का पहली बार इस्तेमाल  किया गया था

सन 1990 में केन्द्र सरकार ने अनेक मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय तथा क्षेत्रीय दलों के प्रतिनिधियों के द्वारा चुनाव सुधार समिति बनाई थी.

सन 1992 24 मार्च को भारत सरकार के द्वारा विधि तथा न्याय मंत्रालय के  द्वारा चुनाव कराने संबंधित कानूनों को सन 1961 में आवश्यक संशोधन की अधिसूचना जारी की गई

सन 1998 के बाद से ही आम चुनाव वा उप-चुनावों में प्रत्येक संसदीय वा विधानसभा निर्वाचन के क्षेत्र में EVM मशीन का इस्तेमाल  वोट डालने के लिए किया जा रहा है.

EVM की विशेषताएँ

Evm मशीन की बहुत सारी विशेषताएं है जैसे की

EVM मशीन को बैट्री द्वारा संचालित किया जाता है

EVM मशीन का उपयोग बिजली ना होने पर भी आसानी से किया जा सकता है

EVM मशीन में अवैध तरीके से मत करना असम्भव है

EVM मशीन का उपयोग तब किया जाता है जब उम्मीदवारों की सखियां काम से काम 64 वा 64 से अधिक हो

EVM मशीन प्रमुख रूप से सोतंत्र होती है वा से चलाना बहुत ही आसान होता है

EVM मशीन का उपयोग करने से वोटिंग को काउंटिंग करने में आसानी होती है वा समय की भी बचत होती है  वा साथ ही बैलेट पेपर मुकाबले लागत भी कम लगती है

EVM मशीन में कुछ इस तरह प्रोग्रामिग की गई है की मतदाता एक ही बार वोटिंग कर सकता है दूसरी बार वोटिंग नही कर सकता

निष्कर्ष :-

हम उम्मीद करते है कि आपको यह पोस्ट पसंद आया होगा और evm फुल फॉर्म तथा इसके बारे में सारी जानकारी भी आपको मिल गयी होगी फिर भी अगर आपके कोई सवाल हैं तो नीचे कमेंट सेक्शन में कमेंट करके पूछ सकते है और साथ ही आपको यह पोस्ट कैसा लगा और आपकी क्या राय है evm को लेकर नीचे कमेंट सेक्शन में बताए और कृपया इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा लोगो तक शेयर जरूर करे


सबसे पहले EVM का इस्तेमाल कंहा किया गया था?

भारत देश में ईवीएम का इस्तेमाल सबसे पहले सन1982 में केरल के विधानसभा  चुनाआे ने किया गया था उस समय 50 पोलिंग Stations में एक प्रयोग के रूप में इसका इस्तेमाल किया गया था

EVM की विशेषताएँ

EVM मशीन का उपयोग बिजली ना होने पर भी आसानी से किया जा सकता है

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